1987 से भारतीय वन सर्वेक्षण (एफएसआई) द्वारा द्विवार्षिक आधार पर भारत वन स्थिति रिपोर्ट जारी करता है। भारतीय वन सर्वेक्षण रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट डेटा और क्षेत्र आधारित राष्ट्रीय वन सूची (एनएफआई) की व्याख्या के आधार पर देश के वन और वृक्ष संसाधनों का गहन मूल्यांकन करता है और परिणाम प्रकाशित किए जाते हैं। भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2023 इस श्रृंखला की 18 वीं रिपोर्ट है।
JPSC EXAM 2023 PT रिजल्ट - 38 में 34 अभ्यर्थी उत्तीर्ण
सीमित अभ्यर्थी उच्च सफलता दर
14th JPSC - अभी नहीं तो कभी नहीं
प्रमुख तथ्य
👉वर्तमान आकलन के अनुसार, कुल वन और वृक्ष आवरण 8,27,357 वर्ग किमी है, जो देश के भौगोलिक क्षेत्र का 25.17 प्रतिशत है।
👉वन आवरण का क्षेत्रफल लगभग 7,15,343 वर्ग किमी (21.76%) है जबकि वृक्ष आवरण का क्षेत्रफल 1,12,014 वर्ग किमी (3.41%) है।
👉2021 की तुलना में देश के कुल वन एवं वृक्ष क्षेत्र में 1445 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है , जिसमें वन आवरण में 156 वर्ग किमी तथा वृक्ष आवरण में 1289 वर्ग किमी की वृद्धि शामिल है।
वन एवं वृक्ष आवरण में अधिकतम वृद्धि दर्शाने वाले शीर्ष चार राज्य
1st- छत्तीसगढ़ (684 वर्ग किमी)
2nd - उत्तर प्रदेश (559 वर्ग किमी),
3rd - ओडिशा (559 वर्ग किमी)
4th - राजस्थान (394 वर्ग किमी)
वन आवरण में अधिकतम वृद्धि दिखाने वाले शीर्ष तीन राज्य
1st- मिजोरम (242 वर्ग किमी)
2nd- गुजरात (180 वर्ग किमी)
3rd- ओडिशा (152 वर्ग किमी)
क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे अधिक वन एवं वृक्ष आवरण वाले शीर्ष तीन राज्य
1st- मध्य प्रदेश (85,724 वर्ग किमी)
2nd- अरुणाचल प्रदेश (67,083 वर्ग किमी)
3rd- महाराष्ट्र- (65,383 वर्ग किमी)
क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे अधिक वन क्षेत्र वाले शीर्ष तीन राज्य
1st - मध्य प्रदेश (77,073 वर्ग किमी)
2nd- अरुणाचल प्रदेश (65,882 वर्ग किमी)
3rd- छत्तीसगढ़ (55,812 वर्ग किमी)
कुल भौगोलिक क्षेत्र के संबंध में वन आवरण के प्रतिशत की दृष्टि से
1st - लक्षद्वीप (91.33 प्रतिशत)
2nd- मिजोरम (85.34 प्रतिशत)
3rd- अंडमान एवं निकोबार द्वीप (81.62 प्रतिशत)
👉वर्तमान आकलन से यह भी पता चलता है कि 19 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 33 प्रतिशत से अधिक भौगोलिक क्षेत्र वन क्षेत्र में है। इनमें से आठ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों अर्थात् मिजोरम, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मेघालय, त्रिपुरा और मणिपुर में 75 प्रतिशत से अधिक वन क्षेत्र है।
👉देश में कुल मैंग्रोव आवरण 4,992 वर्ग किमी है।
👉भारत के वन और वनों के बाहर वृक्षों का कुल बढ़ता हुआ स्टॉक(लकड़ी की मात्रा) 6430 मिलियन घनमीटर अनुमानित है, जिसमें से 4479 मिलियन घनमीटर वनों के अंदर और 1951 मिलियन घनमीटर वन क्षेत्र के बाहर है।
👉पिछले आकलन की तुलना में कुल स्टॉक(लकड़ी की मात्रा) में 262 मिलियन घनमीटर की वृद्धि हुई है, जिसमें वनों के अंदर 91 मिलियन घनमीटर और वन क्षेत्र के बाहर 171 मिलियन घनमीटर की वृद्धि शामिल है।
👉देश में बांस क्षेत्र 1,54,670 वर्ग किलोमीटर होने का अनुमान लगाया गया है।
👉2021 में किए गए पिछले आकलन की तुलना में बांस क्षेत्र में 5,227 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है।
👉वर्तमान आकलन में देश के वनों में कुल कार्बन स्टॉक 7,285.5 मिलियन टन होने का अनुमान है।
👉पिछले आकलन की तुलना में देश के कार्बन स्टॉक में 81.5 मिलियन टन की वृद्धि हुई है।
👉कार्बन पृथक्करण से संबंधित एनडीसी के अंतर्गत लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति के संबंध में, वर्तमान आकलन से पता चलता है कि भारत का कार्बन स्टॉक 30.43 बिलियन टन CO2 समतुल्य तक पहुंच गया है ; जो दर्शाता है कि 2005 के आधार वर्ष की तुलना में, भारत पहले ही 2.29 बिलियन टन अतिरिक्त कार्बन सिंक तक पहुंच चुका है, जबकि 2030 तक 2.5 से 3.0 बिलियन टन का लक्ष्य रखा गया है।
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