सरना धर्म कोड की मांग हाल में झारखंड एक प्रमुख मुद्दा बन गया है। जेएमएम ने घोषणा की है की बिना सरना कोड के बिना सरना धर्म कोड के जातिगत जनगणना राज्य में नहीं करने देंगे। झारखंड की राजनीति में यह मुद्दा फिर से गर्म हो गया है। आइये जानते है सरना धर्म एवं धर्म कोड की मांग को। सरना धर्म क्या है ? सरना धर्म , जिसे जनजाति धर्म आदिवासी धर्म या सारी धर्म या या आदि धर्म भी कहा जाता है , भारत के जनजाति , जैसे मुंडा , नागालैंड , हो , संथाल और कुरुख , मुख्य रूप से झारखंड , ओडिशा , पश्चिम बंगाल , बिहार और छत्तीसगढ़ में प्रचलित प्रकृति-पूजा पर आधारित आस्था है। "सरना" शब्द मुंडारी भाषा में "पवित्र वन" का वर्णन है , जो सरना स्थल (जाहेर) कहे जाने वाले पवित्र वृक्षों या वनों को आरोपित करता है , जहां पूजा की जाती है। मुख्य गुण : प्रकृति पूजा : सरना धर्म का मूल सिद्धांत "जल , जंगल , जमीन" है , जिसमें पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के साथ सार्वभौम संबंध शामिल है। इसमें पेड़ , पहाड़ , नदियाँ और अन्य प्राकृतिक तत्व पूजनीय हैं। सिंगबोंगा : सर्वोच्च देवता को ...
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