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'लिकरू-मिग ला-फुकचे' : दुनिया की सबसे ऊंची सड़क

 'लिकरू-मिग ला-फुकचे' : दुनिया की सबसे ऊंची सड़क भारत के बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) ने दुनिया की सबसे ऊंची सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। यह सड़क लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में बनाई जा रही है। 'लिकरू-मिग ला-फुकचे' नामक यह रणनीतिक सड़क 19,400 फीट की ऊंचाई से होकर गुजरेगी और उमलिंग ला दर्रा को पार करते हुए दुनिया की सबसे ऊंची मोटर योग्य सड़क बन जाएगी।  LAC  से महज तीन किलोमीटर दूर  यह सड़क वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से महज तीन किलोमीटर दूर है। सड़क निर्माण की कमान महिला इंजीनियरों की पांच सदस्यीय टीम कर्नल पोनुंग डोमिंग के नेतृत्व में संभाल रही हैं।  19,400 फीट की ऊंचाई पर बनाई जा रही यह सड़क  इस संबंध में बीआरओ से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि नई सड़क अपने उच्चतम बिंदु पर 19,400 फीट की ऊंचाई पर जाएगी। तैयार होने पर यह सड़क उमलिंग ला दर्रे को पार करते हुए दुनिया की सबसे ऊंची मोटर योग्य सड़क होगी। दुनिया की मौजूदा सबसे ऊंची मोटर योग्य सड़क का निर्माण भी बीआरओ ने ही किया है।  दो साल पहले बनाया खुद का रिकॉर्ड तोड़ने को तैयार BRO गौरतलब हो, दो...

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) चालू वित्त वर्ष में देशभर में 300 नई शाखाएं

 सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा बैंक यानी भारतीय स्टेट बैंक (SBI) चालू वित्त वर्ष में देशभर में 300 नई शाखाएं खोलने की योजना बना रहा है। बैंक के इस कदम से संभवत: ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने में मदद मिलेगी। देशभर में SBI की कितनी शाखाएं ? वर्तमान में देशभर में SBI की 22 हजार 405 शाखाएं और 235 विदेशी शाखाएं और कार्यालय मौजूद हैं। बैंक देश के अलग-अलग हिस्सों में 300 नई ब्रांच खोलने की प्लानिंग के साथ भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी की खबर लेकर आया है। SBI को मिला रिकॉर्ड मुनाफा एसबीआई के चेयरमैन दिनेश खारा ने इस संबंध में कहा है कि बैंक अपने डिजिटल परिचालन का विस्तार करना चाह रहा है और जब भौतिक (बैंकिंग) की बात आती है, तो बैंक चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 300 शाखाएं खोलने का प्लान बना रहा है। बैंक अधिक बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट रखने पर भी विचार कर रहा है। गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों में गिरावट, उच्च ऋण वृद्धि और उच्च ब्याज दर के कारण भारतीय स्टेट बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अपना अब तक का सबसे अधिक 16 हजार 884 करोड़ रुपये का तिमाही लाभ दर्ज किया है। एक साल प...

पब्लिक टेक प्लेटफॉर्म : RBI

 RBI का पब्लिक टेक प्लेटफॉर्म पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च, इन स्किम के तहत लोन लेने में होगी आसानी आरबीआई ने लोन से संबंधित सभी तरह की जानकारी के लिए एक "पब्लिक टेक प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य ऋणदाताओं को आवश्यक डिजिटल जानकारी को आसान बनाना और सुरक्षित लोन की सुविधा प्रदान करना है। शुरुआत में यह प्लेटफॉर्म एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च किया गया है। शुरुआत में इन योजनाओं पर ऋण के लिए कर सकेंगे प्रयोग प्लेटफॉर्म के जरिए शुरुआती दौर में प्रति ऋणधारक 1.6 लाख रुपये तक के किसान क्रेडिट कार्ड ऋण, एमएसएमई ऋण (संपार्श्विक के बिना) डेयरी ऋण, व्यक्तिगत ऋण और गृह ऋण जैसे उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह प्लेटफॉर्म आधार ई-केवाईसी, सैटेलाइट डेटा, पैन सत्यापन, आधार ई-साइनिंग और घर/संपत्ति खोज डेटा और कई अन्य सेवाओं को जोड़ने के उद्देश्य से बनाया गया है। यह प्लेटफॉर्म भाग लेने वाली राज्य सरकारों (मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र) से भूमि रिकॉर्ड प्राप्त करने जैसी सेवाएं भी प्रदान करेगा। पायलट चरण में लागू पायलट चरण में प्लेटफॉर्म कैसा...

JPSC EXAM 2023

 JPSC EXAM 2023  नोटिफिकेशन के इंतज़ार किये बिना तैयारी जारी रखे  कारण :  जितना अधिक देरी हो रही है उतना ही दबाव अभ्यर्थियों पर बढ़ेगा क्योकि नोटिफिकेशन के बाद एग्जाम प्रोसेस को कम समय में ही पूरा किया जा सकता है  सरकार के पास समय की कमी होगी तो आयोग को जल्दी एग्जाम को पूरा कर चुनावी लाभ लेने का दबाव रहेगा  सरकार बार 251 दिन में जेपीएससी पूरा करने का श्रेय ले चुकी है जो करीब 8 -9  माह का समय है।  सरकार उससे कम समय में परीक्षा पूरी कर  नया कर्तिमान जरूर रचना चाहेगी उस हिसाब से सरकार के पास अभी करीब एक साल  का समय है।  मतलब नोटिफिकेशन का समय आ रहा है।  अन्यथा सरकार एग्जाम दो दो माह का समय देकर भी पूरा नहीं कर पायेगी।  सरकार  JSSC के सारे एग्जाम 2023 में ले रहा है अतः आगामी वर्ष के लिए सरकार के पास क्या उपलब्धि होगी युवाओ/युवतियों के लिए।  जेपीएससी ही है जो आगामी अपनी परीक्षा आयोजित कर पूरी करेगा और सरकार विधान सभा चुनाव में अपनी उपलब्धियों में इसे शामिल करेगा।  अततः सम्पूर्ण रूप से देखे तो नोटफिकेशन का समय नजदीक...

पीएम-ई-बस सेवा

 पीएम-ई-बस सेवा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर सिटी बस संचालन के विस्तार के लिए एक बस योजना "पीएम-ईबस सेवा" को मंजूरी दे दी है, जिसके माध्यम से 10,000 ई-बसें चलाई जाएंगी। इस योजना की अनुमानित लागत 57,613 करोड़ रुपये होगी, जिसमें से 20,000 करोड़ रुपये का समर्थन केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किया जाएगा। यह योजना 10 वर्षों तक बस संचालन का समर्थन करेगी। पहुंच से वंचित तक पहुंच बनाना: यह योजना 2011 की जनगणना के अनुसार तीन लाख और उससे अधिक आबादी वाले शहरों को कवर करेगी, जिसमें केंद्रशासित प्रदेशों, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और पर्वतीय राज्यों की सभी राजधानी शामिल हैं। इस योजना के तहत उन शहरों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां कोई सुव्यवस्थित बस सेवा उपलब्ध नहीं है। प्रत्यक्ष रोजगार सृजन: इस योजना के तहत, सिटी बस संचालन में लगभग 10,000 बसें चलाई जाएंगी, जिससे 45,000 से 55,000 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। योजना के दो खंड हैं: खंड ए - सिटी बस सेवाओं का विस्तार:(169 शहर) स्वीकृत बस योजना के माध्यम से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (प...

पीएम विश्वकर्मा'

  "पीएम विश्वकर्मा'  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने आज पांच साल की अवधि (वित्त वर्ष 2023-24 से वित्त वर्ष 2027-28) के लिए 13,000 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ एक केंद्रीय क्षेत्र की नई योजना "पीएम विश्वकर्मा" को मंजूरी दी।  योजना का उद्देश्य : इस योजना का उद्देश्य गुरु-शिष्य परंपरा या अपने हाथों और औजारों से काम करने वाले कारीगरों व शिल्पकारों द्वारा पारंपरिक कौशल के परिवार-आधारित पेशे को मजबूत करना और बढ़ावा देना है। इस योजना का उद्देश्य कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पादों व सेवाओं की पहुंच के साथ-साथ गुणवत्ता में सुधार करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना है कि विश्वकर्मा घरेलू और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ जुड़ सकें। वित्तीय परिव्यय : इस योजना का वित्तीय परिव्यय 13,000 करोड़ रुपये होगा पीएम विश्वकर्मा के तहत पहले चरण में अठारह पारंपरिक क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत, कारीगरों और शिल्पकारों को पीएम विश्वकर्मा प्रमाणपत्र और पहचानपत्र के माध्यम से मान्यता प्रदान की जाएगी, 5 प्रति...

मेरी माटी मेरा देश अभियान: देश में नायकों के बलिदान का सम्मान"

 मेरी माटी मेरा देश अभियान: पूरे देश में नायकों के बलिदान का सम्मान" 9 अगस्त, 2023 को राष्ट्र के लिए अपने जीवन का बलिदान देने वाले बहादुर व्यक्तियों को श्रद्धांजलि के रूप में राष्ट्रव्यापी "मेरी माटी मेरा देश" अभियान शुरू किया गया था। 9 अगस्त से 30 अगस्त 2023 तक, अभियान में स्थानीय शहरी निकायों, राज्य और राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा आयोजित गाँव और ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम शामिल होंगे। इस पहल का उद्देश्य देश भर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्र के नायकों का सम्मान करना है। इस अभियान के हिस्से के रूप में, इन व्यक्तियों के बलिदान को याद करने के लिए ग्राम पंचायतों में "शिलाफलकम" नामक स्मारक पट्टिकाएं स्थापित की जाएंगी। यह अभियान 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' के समापन का प्रतीक है, जो 12 मार्च, 2021 को शुरू हुआ था, जिसमें पूरे देश में दो लाख से अधिक कार्यक्रमों के साथ व्यापक सार्वजनिक भागीदारी देखी गई थी। इस अभियान की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम के प्रसारण के दौरान की थी। इसका प्राथमिक उद्देश्य उन साहसी स्वत...